Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤®à¥€ आते ही फà¥à¤°à¤¿à¤œ की हालत बà¥à¤°à¥€ हो जाती है। जो à¤à¥€ खाना बचा तो फटाफट इस डर से फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रख दिया जाता है कि गरà¥à¤®à¥€ में खराब न हो जाà¤à¥¤ जिस घर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग कामकाजी हैं, वहां की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तो और बà¥à¤°à¥€ होती है। गूंथा हà¥à¤† आटा, उबली दाल, कटी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल और मछली, बटर और न जाने कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾à¥¤ सब सà¥à¤Ÿà¥‰à¤• करके रखते हैं, ताकि काम से लौटते ही खाना बनाने में आसानी हो।
समय की बचत के लिठतो यह सब करना सॉलà¥à¤¯à¥‚शन लगता होगा, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता है कि फà¥à¤°à¤¿à¤œ के अंदर खाना रखने की à¤à¥€ à¤à¤• लिमिटेशन होती है। तो चलिठजरूरत की खबर में फà¥à¤°à¤¿à¤œ में खाने को सही तरीके से रखने के बारे में जानते हैं...
सबसे पहले समà¤à¤¤à¥‡ हैं कि फà¥à¤°à¤¿à¤œ में खाना खराब कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं होता?
बाहर के तापमान से फà¥à¤°à¤¿à¤œ का तापमान कम होता है। à¤à¤¸à¥‡ में जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बाहर के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान में पनपकर खाने को खराब कर देते हैं, वही फà¥à¤°à¤¿à¤œ के अंदर के कम तापमान में पनप नहीं पाते हैं। इसी वजह से फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखा खाना à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय तक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बना रहता है।
à¤à¤• तय समय के बाद खाना हो सकता है खराब
जो लोग जानबूà¤à¤•र खाना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनाकर फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सबसे पहले यह वहम निकाल देना चाहिठकि फà¥à¤°à¤¿à¤œ में खाना खराब नहीं होता। à¤à¤¸à¥‡ कई फूड आइटमà¥à¤¸ हैं, जो à¤à¤• तय समय के बाद फà¥à¤°à¤¿à¤œ में ही खराब हो जाते हैं।
इसी तरह यह à¤à¥€ याद रखें कि फà¥à¤°à¤¿à¤œ की जिस रैक पर पका हà¥à¤† सामान रख रहे हैं उस पर कचà¥à¤šà¤¾ सामान न रखें। à¤à¤¸à¤¾ करने से फà¥à¤°à¤¿à¤œ के अंदर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बà¥à¤¤à¥‡ हैं। इसलिठदोनों को अलग-अलग रैक पर रखें। इससे कचà¥à¤šà¥‡ खाने का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पके हà¥à¤ खाने में जाकर उसे खराब नहीं करेगा। पके खाने को सà¥à¤Ÿà¥€à¤² के टिफिन में रखना सबसे सेफ है।
दरअसल रेफà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥‡à¤Ÿà¤° का जो तापमान होता है, उसको अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के हिसाब से बांटा गया होता है। आमतौर के फà¥à¤°à¤¿à¤œ में फà¥à¤°à¥€à¤œà¤° के नीचे वाला सेलà¥à¤« बाकियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा होता है। रेफà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग चेंबर का à¤à¤µà¤°à¥‡à¤œ टेंपरेचर +3 डिगà¥à¤°à¥€ से +6 डिगà¥à¤°à¥€ तक होता है। खाने की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ टेंपरेचर पर डिपेंड करती है, इसलिठसामान के हिसाब से टेंपरेचर रखना चाहिà¤à¥¤
बार-बार आटा गूंथना à¤à¤‚à¤à¤Ÿ लगता तो यह पà¥à¥‡à¤‚
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग आटा गूंथकर फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रख देते हैं। यह सोचकर कि जब जरूरत होगी फटाफट रोटी बन जाà¤à¤—ी। यह तरीका गलत है। जब हम आटे में पानी मिलाते हैं तब उसके अंदर केमिकल बदलाव होता है। इसलिठआटे को गूंथते ही फौरन रोटी बना लेनी चाहिà¤à¥¤ जब हम इस आटे को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखते हैं, तब उसमें मौजूद रे (किरण) आटे में चली जाती है, जो सेहत को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है। फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखा आटा काला हो जाता है और उसकी रोटी कड़क बनती है, जिसे पचाना आसान नहीं होता।
नाशà¥à¤¤à¥‡ के सामान को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखना चाहिठया नहीं?
दूध : इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ पनपता है। इसलिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिन तक इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में नहीं रखना चाहिà¤à¥¤ डिबà¥à¤¬à¤¾ बंद दूध (टेटà¥à¤°à¤¾ पैक) पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤¾à¤¯à¤°à¥€ डेट होती है, उसे चेक करते रहें। अगर टेटà¥à¤°à¤¾ पैक काे खोल दिया है तो उसका तà¥à¤‚रत इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
मकà¥à¤–न : मकà¥à¤–न को 15 दिन से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤°à¤¿à¤œ में नहीं रखें। इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखने के लिठपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• में अचà¥à¤›à¥€ तरह से पैक करें। खाने के 15 मिनट पहले इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ से निकालें।
मेयोनीज : इसमें सिरका, तेल, चीनी और बहà¥à¤¤-सी चीजें मिली होती हैं। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर फौरन फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखें। अगर आठघंटे तक फà¥à¤°à¤¿à¤œ से बाहर है तो इसे दोबारा अंदर रखना सेफ नहीं है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¡ : इसे कà¤à¥€ à¤à¥€ फà¥à¤°à¤¿à¤œ में नहीं रखना चाहिà¤à¥¤ यह सूख जाता है और इसके सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को खराब कर देता है। इसे चार दिन के अंदर खतà¥à¤® कर देना चाहिà¤à¥¤
जूस : टेटà¥à¤°à¤¾ पैक वाला जूस à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤¾à¤¯à¤°à¥€ डेट को चेक करके ही पिà¤à¤‚। अगर पैकेट खोल दिया है तो उसे 6 दिन के अंदर खतà¥à¤® करें।
बेसिक सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥‚ल से न रखें फà¥à¤°à¤¿à¤œ में
आलू : फà¥à¤°à¤¿à¤œ के टेंपरेचर से आलू में मौजूद सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š बà¥à¤°à¥‡à¤• हो जाता है। इससे आलू मीठा हो जाता है। फूड सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ à¤à¤œà¥‡à¤‚सी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, आलू à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जिसे गलती से à¤à¥€ फà¥à¤°à¤¿à¤œ में नहीं रखना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ आलू को पकाने पर à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¯à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿ नाम का हानिकारक केमिकल रिलीज होता है। यह हेलà¥à¤¥ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है।
टमाटर : टमाटर की बाहरी सà¥à¤•िन फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखने से खराब हो जाती है। इससे इसके सà¥à¤µà¤¾à¤¦ पर असर पड़ता है। इसलिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टमाटर नहीं खरीदना चाहिà¤à¥¤ अगर टमाटर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पक गया है तो इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में दो दिन के लिठरख सकते हैं। टमाटर को सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करने के लिठउसे कागज के बैग में रखें।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ : पà¥à¤¯à¤¾à¤œ न तो फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखना चाहिठन ही पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बैग में। फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखने से पà¥à¤¯à¤¾à¤œ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और बेकार हो जाती है। इसे धूप से बचाकर सामानà¥à¤¯ टेंपरेचर वाली जगह पर रखना चाहिà¤à¥¤
पका हà¥à¤† खाना आराम से दो दिन चल जाà¤à¤—ा, इस सोच को बदलना होगा
चावल : पके हà¥à¤ चावल दो दिन के अंदर खा लेने चाहिà¤à¥¤ खाने से पहले इसे कà¥à¤› देर के लिठनॉरà¥à¤®à¤² टेंपरेचर पर रखना चाहिà¤à¥¤ उसके बाद गरà¥à¤® कर खाना चाहिà¤à¥¤
रोटी : रोटी का à¤à¤• रूल है। इसे बनाने के बाद 8 से 12 घंटे के अंदर खानी चाहिà¤à¥¤ रोटी को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखकर खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बन गई हैं, बच गई हैं, तो इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रख सकते हैं, लेकिन इसे à¤à¥€ 8 घंटे के अंदर खा लें। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिन तक फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रोटी रखकर खाने से पेट संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
दाल : दाल की पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता बनाठरखने के लिठइसे ताजा बनाकर खाना चाहिà¤à¥¤ अगर दाल बच जाती है तो फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखें, लेकिन इसे दूसरे दिन ही खा लें। à¤à¤¸à¤¾ नहीं करने से पेट दरà¥à¤¦ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
कटे हà¥à¤ फल : कटे हà¥à¤ फल को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखना ही नहीं चाहिà¤à¥¤ यह आपकी सेहत को खराब कर सकता है। आमतौर पर à¤à¥€ कटे फल बहà¥à¤¤ देर तक रखकर नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ फल जब à¤à¥€ खाना हो उसे उसी वकà¥à¤¤ काटें।
चलते-चलते काम की 5 बातें
गरà¥à¤® खाना फà¥à¤°à¤¿à¤œ में न रखें।
खà¥à¤²à¥‡ कैन को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में न रखें।
फà¥à¤°à¤¿à¤œ की सफाई समय-समय पर करें।
फà¥à¤°à¤¿à¤œ का डोर सही तरह से बंद करें।
आमतौर पर रेफà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥‡à¤Ÿà¤° में बहà¥à¤¤ सारा खाना या सामान à¤à¤•साथ रखते वकà¥à¤¤ डोर लंबे समय तक खà¥à¤²à¤¾ रहता है। à¤à¤¸à¥‡ में फà¥à¤°à¤¿à¤œ का टेंपरेचर मिनिमम कर खाना या सामान उसमें रखें। जब सामान पूरा रख दें उसके बाद टेंपरेचर नॉरà¥à¤®à¤² कर दें।
| --------------------------- | --------------------------- |